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नए बने सेप्टिक टैंक में सेन्ट्रिंग खोलने गए थे मजदूर, अंदर ही दम घुटने से एक के बाद एक 3 की मौत, मचा हड़कंप

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 09, 2026 09:58 pm IST,  Updated : Sep 09, 2026 10:04 pm IST

सेप्टिक टैंक में उतरा एक मजदूर पहले बेहोश हुआ। बाहर से लोग उसे आवाज लगाते रहे, वह कुछ नहीं बोल रहा था। उसे देखने के लिए दो लोग और उतरे। उन्होंने भी सेप्टिक टैंक के अंदर जाते ही कुछ रिस्पॉन्स नहीं किया और तीनों की मौत हो गई।

सेप्टिक टैंक में उतरे 3 मजदूरों की मौत- India TV Hindi
सेप्टिक टैंक में उतरे 3 मजदूरों की मौत Image Source : REPORTER INPUT

ओडिशा के रायगड़ा जिले के पद्मपुर में एक दर्दनाक हादसे से इलाके में सनसनी फैल गई। एक नए बनाए गए सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने से तीन लोगों की मौत हो गई। घटना उस समय हुई, जब तीनों व्यक्ति नए बने टैंक के अंदर से सेंट्रिंग का सामान निकालने का काम कर रहे थे।

मदद के लिए गए और अंदर ही बेहोश हो गए

जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले एक व्यक्ति टैंक के अंदर गया। कुछ समय बाद उसे अंदर सांस लेने में परेशानी होने लगी। यह देखकर दूसरे लोग उसकी मदद करने के लिए एक-एक करके टैंक के अंदर चले गए। लेकिन अंदर जाने के बाद तीनों ही बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

जांच के बाद डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित किया

सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और तीनों लोगों को टैंक के अंदर से बाहर निकाला। इसके बाद तीनों को इलाज के लिए पद्मपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।

तीनों मृतकों की हुई पहचान 

इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान हरिश्चंद्र बीर, आलोक कराड़ा और प्रकाश लिमा के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी!

प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि बंद टैंक के अंदर दम घुटने की वजह से उनकी जान गई। हालांकि, यह भी जांच का विषय है कि टैंक के अंदर किसी तरह की जहरीली गैस मौजूद थी या फिर ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ।

सुरक्षा को लेकर खड़े हुए गंभीर सवाल 

इस घटना ने बंद और कम हवा वाले स्थानों में काम करने के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नए बने टैंक, सीवेज टैंक या अन्य बंद जगहों के अंदर पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने पर वहां सांस लेने लायक ऑक्सीजन कम हो सकती है या खतरनाक गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के अंदर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट

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